पट खुले हैं (दर्शन जारी)
श्री सप्तदेव मंदिर
श्री सप्तदेव मंदिर Shri Saptdev Mandir

Shri Saptdev Mandir • Korba

"ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते । सङ्गात्सञ्जायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते ॥"

विषयों का निरंतर चिंतन करने से उनमें आसक्ति उत्पन्न होती है, आसक्ति से कामना और कामना में बाधा आने पर क्रोध उत्पन्न होता है।

[श्रीमद्भगवद्गीता २.६२]

🎯

👁️

🌅

🌞

🪔

🌙

04 Sep 2026

14 Sep 2026

Event Archive

आयोजन एवं स्मृतियां

सभी आयोजन देखें →

24 Aug 2026

🍲

📚

🩺

🌱

१९९५

२००८

२०२६